उमरखेड़.
उमरखेड़ विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र वैसे तो यवतमाल जिले में आता है, लेकिन लोकसभा चुनाव के लिए उसे हिंगोली निर्वाचन क्षेत्र में शामिल किया गया है. हिंगोली में 17 अप्रैल को वोट डाले जाएंगे. इस क्षेत्र में चुनाव के लिए सरकारी-अर्ध सरकारी कर्मचारियों की नियुक्तियों में भारी भेदभाव और पारदर्शिता के अभाव की खबरें आ रही हैं.
बताया जाता है कि जिलाधीेश कार्यालय के निर्देश पर उमरखेड़ तहसील कार्यालय द्वारा ये नियुक्तियां की गई हैं. इसमें उन शिक्षकों को भी चुनाव ड्यूटी में लगाया गया है जो दसवीं, बारहवीं की परीक्षा के मूल्यांकन कार्य में लगे हैं. हालांकि सरकार की ओर से की गई घोषणा में स्पष्ट कहा गया था कि दसवीं, बारहवीं परीक्षा के मूल्यांकन कार्य में लगे शिक्षकों को चुनाव कार्य से मुक्त रखा जाएगा, मगर ऐसा हो नहीं पाया.
विद्यापीठ परीक्षा में केंद्र संचालक के रूप में कार्यरत कर्मचारियों को भी बख्शा नहीं गया है. बताया जाता है कि शिकायत लेकर प्रशासन के पास जाने पर कार्रवाई की धमकी दी जा रही है. कहा जाता है कि नियुक्तियां करते समय सेवा-वरिष्ठता पर भी ध्यान नहीं दिया गया है. अनेक कनिष्ठ लिपिकों को केंद्र संचालक बना दिया गया है. आरोप लगाया जा रहा है कि सारी नियुक्तियां मुंह देखकर की गई हैं.