मुआवजा राशि पर विवाद गहराया
बल्लारपुर
रिवाइंडर की चपेट में आने से बिल्ट में कार्यरत एक अस्थायी कामगार रमेश जेनेकर (35) की सोमवार की सुबह मौत हो गई.
प्राप्त खबर के अनुसार सोमवार को रमेश कंपनी की सात नंबर की यूनिट में काम रहा था. अचानक वह रिवाइंडर की चपेट में आ गया. इससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया. उसे तुरंत उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया. लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया.
घटना के बाद जब रमेश का शव पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल में लाया गया, तब वहां राष्ट्रीय मजदूर कांग्रेस (इंटक) की विदर्भ अध्यक्ष अधि.हर्षलकुमार चिपलुणकर के साथ बिल्ट के व्यवस्थापक (मानव संसाधन) आनंद बर्वे व उपव्यवस्थापक (सुरक्षा) रमेश यादव पहुंचे. अधि. श्रीमती चिपलुणकर ने कंपनी व्यवस्थापक को मृतक के भाई को बिल्ट में अस्थाई नौकरी व परिवार को 15 लाख रुपए की आर्थिक मदद देने की मांग की. लेकिन प्रबंधन नियमतः 12 लाख रु. ही देने को तैयार था.
अधि.श्रीमती चिपलुणकर को रामनगर पुलिस थाने में बुलाया गया. वहां पर अधि.चिपलुणकर ने अपनी मांगें रखी. लेकिन कंपनी प्रबंधक मृतक के भाई को अस्थायी नौकरी के साथ 12 लाख रुपए की आर्थिक मदद देना का मंजूर किया. लेकिन अधि.श्रीमती चिपलुणकर इसे नामंजूर करते हुए एक मुश्त 18 लाख की मुआवजा राशि देने की मांग की. मांग मंजूर न किए जाने पर कंपनी में काम बंद आंदोलन किए जाने की चेतावनी भी उन्होंने दी.