अकोला। अकोला शहर को जलापूर्ति करने वाले काटेपूर्णा प्रकल्प के महान जलशुद्धिकरण वेंâद्र से अकोला के लिए डाली गई मुख् य पाईप लाईन से गैरकानूनी तरीके से नल कनेक्शन लेकर बार्शिटाकली में पानी इस्तेमाल किया जा रहा था. इस संदर्भ में स्थानीय नागरिकों से अवैध जलापूर्ति न लेने की अपील मनपा के की थी. लेकिन नागरिकों की ओर से अवैध नल कनेक्शन बंद नही किए जाने के कारण शनिवार को मनपा के तोडू दस्ते ने मुख्य पाईप लाईन से लिए गए 1 से 3 इंच तक के 30 नल कनेक्शन खंडित किए. अकोला मनपा की इस कार्रवाई का आरंभ में स्थानीय नागरिकों ने जमकर विरोध किया था. लेकिन थानेदार शिवशंकर ठाकुर की मध्यस्तता के बाद कार्रवाई की गई.
मनपा उपायुक्त दयानंद चिंचोलीकर के आदेश पर मनपा के जलापूर्ति विभाग ने शहर अभियंता अजय गुजर के नेतृत्व में बार्शिटाकली अवैध नल कनेक्शन धारकों के खिलाफ मुहिम चलाई. अकोला को जलापूर्ति करने वाले मुख्य पाईप लाईन से बार्शिटाकलीवासी प्रतिदिन प्रति घंटा चार लाख प्रति लीटर के अनुपात में 42 लाख लीटर पानी गैरकानूनी तरीके से ले रहे हैं, ऐसा दावा मनपा ने करते हुए इन कनेक्शनों को बंद करने की नोटिस दी थी. मनपा के अनुसार अवैध 42 लाख लीटर पानी की वजह से अकोला शहर में जलापूर्ति सुरू नहीं हो पा रही है. साथ ही मनपा को आर्थिक नुकसान हो रहा है. इसलिए आज अवैध नल कनेक्शन हटाने की मुहिम चलाई गई. इस कार्रवाई में उपायुक्त दयानंद चिंचोलीकर, जलापूर्ति विभाग के कार्यकारी अभियंता काले, नंदलाल मेश्राम, शाम बगेरे, अतिक्रमण अधिकारी विष्णु डोंगरे, संजय थोरात, विजय बडोणे, प्रवीण मिश्रा, विनोद वानखडे, नीरज ठाकुर आदि शामिल हुए.
स्थानीय प्रतिनिधि के अनुसार जिले की सबसे बडी ग्राम पंचायत की आबादी अधिक होने के कारण यहां हमेशा पेय जल का संकट रहता है. अकोला को जाने वाली पाईप लाईन से स्थानीय नागरिक पानी लिया करते थे. विगत पंद्रह माह से बार्शिटाकली ग्राम पंचायत ने अकोला मनपा को जलकर की राशि नहीं भरी. जिससे मनपा ने यहां की जलापूर्ति रोक दी थी. फलस्वरूप नागरिकों ने वाल्व तथा अन्य स्थानों से पानी का इस्तेमाल किया था. आज मनपा का तोडू दस्ता बार्शिटाकली में आते ही थनेदार ठाकुर ने ग्राम पंचायत सदस्य तथा सदस्यों को बुलाकर गुजर से बात करवाई. जल कर के रूप में बकाया 2 करोड 85 लाख रूपए ग्राम पंचायत अकोला मनपा को अदा करे या बकाया राशि में से कुछ रकम जमा करने की दी गई मियाद खत्म होने के बावजूद भुगतान पर जलापूर्ति संभव होने की बात गुजर ने की.
ज्ञात हो कि पूर्व में ग्राम पंचायत प्रति माह 1 लाख रूपए जल कर मनपा को देती थी. लेकिन अब यह भुगतान बंद हो गया है. जिससे नागरिकों के हाल बेहाल है. बार्शिटाकली के लिए 13 करोड की जलापूर्ति योजना मंजूर है. लेकिन उसपर कोई कार्यवाही नहीं हो रही है. राष्ट्रीय ग्रामीण पेय जल योजना ने प्रस्ताव खारिज कर दिया है, जिससे नई योजना का प्रस्ताव भेजकर 23 करोड की योजना पर विचार चल रहा है. इस दौरान तोडू दल ने अवैध नल कनेक्शन खंडित करने की प्रक्रिया खडकपुरा से आरंभ कर खोलेश्वर तक चलाई. यह कार्रवाई मनपा उपायुक्त चिंचोलीकर के पहुंचने के बाद आरंभ की गई. इस कार्रवाई के कारण 24 हजार की आबादी वाली बार्शिटाकली ग्राम पंचायत के नागरिकों को पय जल का भारी सामना करना पड सकता हैं.
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