– लगभग १ दशक से सतत जारी
नागपुर : नागपुर की सबसे बड़ी कृषि प्रदर्शनी एग्रोविजन का आयोजन 22 से 25 नवंबर तक रेशमबाग मैदान में किया जाएगा. केंद्रीय सड़क परिवहन और एमएसएमई मंत्री नितिन गडकरी की पहल पर शुरू की गई इस प्रदर्शनी की शुरुआत को 10 वर्ष पूरे हो गए. गडकरी ने कहा कि किसानों की आय बढ़ाने के लिए प्रायोगिक खेती के साथ कृषि उपज से वैल्यू एडेड प्राडक्ट बनाने पर जोर दिया जाना चाहिए. कुछ प्रोग्रेसिव किसान इस क्षेत्र में अच्छा काम कर रहे हैं. उन्हें भी बढ़ावा दिया जाना चाहिए.
नेपियर ग्रास की खेती
उन्होंने बताया कि रामटेक में नेपियर ग्रास की खेती कर उससे बायो सीएनजी बनाने का प्रयास किया जा रहा है. इस सीएनजी की मदद से ट्रक, बस व कार जैसे वाहन चलाए जाएंगे. ट्रैक्टर को भी बायो सीएनजी में कन्वर्ट करने का काम किया जा रहा है. सिंदी विहिरगांव में एक किसान लंबे समय तक फ्रेश रहने वाली सब्जियों का उत्पादन कर रहा है. यह सब्जी विदेशों में भी भेजी जा रही है. वहीं एक उत्पादक मूंगफल्ली का पावडर बनाकर इसका कोरिया में निर्यात कर रहा है. ऐसे कई उदाहरण मिल जाएंगे.
दूध और संतरे को मिलाकर बर्फी
मदर डेयरी ने लोकल दूध और संतरे को मिलाकर बर्फी बनाई. जल्द ही यह पूरे देश में वितरित की जाएगी. एयरपोर्ट के दालान में भी इसे बिक्री के लिए रखा जाएगा. दूध और घी से गोरस पाक बनाने के लिए मदर डेयरी को कहा था. 2-4 दिन में मदर डेयरी की टीम इसका अध्ययन शुरू कर देगी. 6 जिलों को डीजल मुक्त करने की शुरुआत हमने कर दी है. उन्होंने कहा कि नए प्रयोग करते समय शुरू में तकलीफ आती है. विदर्भ में गन्ने की खेती करने की बात किसी ने नहीं सोची थी. हमने न केवल शुरुआत की बल्कि 3 शक्कर कारखाने शुरू किए. उन्होंने कहा कि एग्रोविजन के जरिए पिछले 10 वर्षों में हमने अनेक उपलब्धियां हासिल की. मदर डेयरी को विदर्भ में लाना हमारी बड़ी उपलब्धि रही. आज यह विदर्भ के 11 जिलों में है. किसानों को पहले की तुलना में दूध का 2-3 रुपए लीटर ज्यादा भाव मिल रहा है.
२२ को मुख्यमंत्री करेंगे उद्धघाटन
एग्रोविजन प्रदर्शनी का उद्घाटन 22 नवंबर को गडकरी की अध्यक्षता में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडवणीस के हाथों होगा. इस दौरान विभिन्न विषयों पर कार्यशालाओं, कृषि संबधी नये विषयों पर चर्चासत्र, विदर्भ के खेती को नई दिशा देने वाले परिसंवाद, पशु प्रदर्शनी का भी आयोजन किया जाएगा. एमएसएमई उद्योगों के लिए विशेष दालान भी रहेगा. गन्ना उत्पादन बढ़ाने की तकनीक, दुग्ध व्यवसाय, फूलों की खेती, हल्दी व अदरक की खेती, संतरा उत्पादन व प्रक्रिया, जैविक खेती, मछली पालन, मुर्गीपालन, सिंचन, मधुमक्खी पालन आदि विषयों पर कार्यशाला ली जाएगी. एमएसएमई मंत्रालय की सहायता से कृषि व अन्न प्रक्रिया उद्योग में अवसर, डेयरी उद्योग के विकास पर चर्चासत्र का आयोजन होगा. कृषि के क्षेत्र में विकसित देशों की आधुनिक तकनीक, संशोधन व सेवा विषयक संस्थाएं व कंपनियां भी शामिल होंगी.
वित्तीय समस्याओं से पतंजलि प्लांट में देरी
गडकरी ने बताया कि वित्तीय समस्याओं के कारण पतंजलि की मिहान यूनिट में देरी हो रही है. कंपनी बैंकों से कर्ज लेने की कोशिश कर रही है. उन्होंने भी बैंकों से कंपनी का सहयोग करने को कहा है. उम्मीद है कि अगले 2-3 माह में कंपनी यहां उत्पादन शुरू करने लगेगी।
इस अवसर पर एग्रोविजन के संयोजक गिरीश गांधी, आयोजन सचिव रवि बोरटकर, रमेश मानकर, विधायक समीर मेघे और एमएसएमई विकास संस्थान नागपुर के संचालक पी.एम. पारलेवार भी उपस्थित थे.