नागपुर : सीताबर्डी में मनपा की ३ मंजिली ईमारत हैं.इस ईमारत के सदुपयोग के लिए एक सभापति इन दिनों काफी जिद्दोजहद कर रहे.इसी ईमारत के कुछ हिस्से पर एक पूर्व महापौर का अधिकृत या अनाधिकृत रूप से कब्ज़ा हैं.इस मसले पर कल दोपहर उक्त सभापति व पूर्व महापौर के मध्य समझौता होने की जानकारी मिली हैं.
उक्त ईमारत मनपा की हैं.यह ईमारत ‘जी प्लस ३’ हैं.तल मां से लेकर दूसरी मंजिल तक ६-६ कमरे हैं व तीसरे मंजिल पर मात्र २ कमरे और सबसे नीचे बेसमेंट में ४ छोटे-छोटे कमरे हैं.तल माला और पहले मंजिल का ३ कमरा मोबाइल के विक्रेताओं को किराया पर दिया गया था.दूसरे मंजिल की ६ कमरे बंद पड़े हैं.इसी ईमारत के कुछ कमरों पर अधिकृत या अनाधिकृत रूप से उक्त पूर्व महापौर का कब्ज़ा हैं.
यह मसला तब उजागर हुआ,जब परिवहन समिति के सभापति ने विभाग संबंधी कार्यालय उपयोग के लिए शहर के मुख्य इलाके बर्डी में जगह ढूंढने के सिलसिले में इस ईमारत का अवलोकन किया।इस दौरान मनपा बाजार,स्थावर,परिवहन विभाग के अधिकारी वर्ग भी साथ थे.
सभापति इस ईमारत के तह में गए तो उन्हें जानकारी मिली कि यह ईमारत मनपा की और इसमें कुछ कमरे खाली तो कुछ पर पूर्व महापौर का कब्ज़ा हैं.जबकि यह जानकारी मनपा बाजार विभाग को पहले से ही पता था,वे मनपा को तब से नुकसान पहुंचा रहे थे.
सभापति के हलचल से पूर्व महापौर सकते में आ गए और कल दोपहर पूर्व महापौर व परिवहन सभापति के मध्य समझौता होने बाद हाथ मिलाने की जानकारी प्राप्त हुई.
अब देखना यह हैं कि इस ईमारत को प्राप्त कर विभाग के कामकाज के लिए उपयोग करने की योजना बनाने वाले सभापति क्या रुख करते हैं.
उल्लेखनीय यह हैं कि यह भी जानकारी मिली कि बाजार विभाग इस ईमारत के किरायेदारों का किराया बढ़ा कर कम करने के फ़िराक में हैं ,इससे मनपा को काफी नुकसान वहन करना पड़ेंगा।