Published On : Fri, Oct 16th, 2020

DEPOSIT वापिस करो,हम ठेका छोड़ने को तैयार

Advertisement

सूत्रों की माने तो AG ENVIRO ने उलट चेताया मनपा प्रशासन को

नागपुर – कांग्रेस,शिवसेना के दबाव में आकर मनपा प्रशासन ने AG ENVIRO को उनके द्वारा हटाये गए 180 कर्मियों को वापिस काम पर लेने हेतु दबाव बनाया तो AG ENVIRO के दिग्गज अधिकारियों ने न सिर्फ सिरे से मना कर दिया बल्कि उलट मनपा प्रशासन से दो टूक कहा दिया कि हमारे SD वापिस कर दे,हम ठेका छोड़ने को तैयार हैं।इस जवाब पर मनपा प्रशासन सन्न रह गया।

Gold Rate
04 April 2025
Gold 24 KT 90,500/-
Gold 22 KT 84,200 /-
Silver / Kg - 93,500 /-
Platinum 44,000 /-
Recommended rate for Nagpur sarafa Making charges minimum 13% and above

AG ENVIRO के घाघ रणनीतकार के सलाह-मशविरा पर मनपा के दिग्गज नगरसेवकों और शहर के जनप्रतिनिधियों को उनके मनमाफिक समझौता कर मनपा में जोन 1 से लेकर 5 तक के कचरा संकलन का ठेका हासिल किया। इस चक्कर से मनपा स्वास्थ्य समिति सभापति कोसों दूर दिखे। वहीं स्वास्थ्य विभाग से संबंधित नीचे से लेकर ऊपर तक सभी ने शुरू से लेकर आजतक इस मामले में चुप्पी साध रखी,जो आश्चर्य का विषय हैं जबकि AG ENVIRO के कर्मी भले ही ठेकेदारी प्रथा पर तैनात हो लेकिन वे सभी मनपा की ओर से स्वास्थ्य सेवाएं दे रहे,अर्थात स्वास्थ्य कर्मियों का मुख्य पालक मनपा प्रशासन ही हैं।

पिछले दिनों तय कार्यक्रम के तहत AG ENVIRO ने 180 कर्मियों को एक जगह आमंत्रित कर उन सभी को 60-60 हज़ार रुपये देकर खुद से नौकरी छोड़ने के करार पर हस्ताक्षर करने के निर्देश दिए,वे सभी सकते में आ गए। किसी ने हस्ताक्षर नहीं किए तो AG ENVIRO ने उन्हें बकाया वेतन तो दिया नहीं बल्कि उन सभी के घरों पर नौकरी से निकालने संबंधी 2-3 पत्र भेजते जा रहे।

दूसरी ओर सेना-कांग्रेस के दबाव में प्रशासन ने AG ENVIRO के दिग्गज अधिकारियों से हटाए गए 180 कर्मियों को वापिस काम पर लेने का निर्देश दिए तो उनका कहना था कि कंपनी 20% के घाटे पर चल रही,इसलिए हटाये गए कर्मियों को वापिस लेना मुमकिन नहीं।जबकि जानकारी मिली हैं कि इस मामले में चुप्पी साधे नगरसेवक आदि जनप्रतिनिधि के सिफारिश पर इक्के-दुक्के को 2-3 दिन बाद वापिस काम पर ले लिया जाएगा।बावजूद इसके AG ENVIRO के उपस्थित अधिकारियों ने मनपा प्रशासन को झटका दी कि प्रशासन की मांग पूरी करने में वे सक्षम नहीं, बल्कि वे काम/ठेका छोड़ने को तैयार हैं, मनपा प्रशासन जब उनकी SD लौटा दे। इस जवाब से मनपा प्रशासन संकट में आ गई ?

Advertisement
Advertisement