Published On : Mon, Aug 1st, 2022
By Nagpur Today Nagpur News

OBC आरक्षण बाद कहीं ख़ुशी तो कहीं गम

– इच्छुक प्रभाग बदलने की तैयारी

नागपुर -पूर्व महापौर किशोर डोरले, कांग्रेस के हरीश ग्वालवंशी, भाजपा के संदीप गवई विगत दिनों मनपा चुनाव के लिए आरक्षित 35 ओबीसी सीटों से इन्हें खासकर झटका लगा हैं. इन पूर्व नगरसेवकों को अब दूसरा वार्ड तलाशना होगा। इस आरक्षण का लाभ भाजपा के पूर्व नगरसेवक संजय बालपांडे को मिला। वहीं दूसरी ओर अन्य दिग्गजों का भाग्य उनके अनुकूल वार्ड में सुरक्षित होता दिख रहा है।

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ओबीसी आरक्षण की मार झेल रहे पूर्व महापौर किशोर डोरले ने वार्ड 8 से चुनाव लड़ने का फैसला किया था. उन्हें भी पिछले आरक्षण के अनुसार राहत मिली। लेकिन, ओबीसी आरक्षण के कारण उनके वार्ड में एक सीट अनुसूचित जनजाति वर्ग की है जबकि ओबीसी महिलाओं और सामान्य महिलाओं के लिए आरक्षण है। इसलिए अब उन्हें इस वार्ड के बजाय कहीं और लड़ने की तैयारी करनी होगी.

ओबीसी आरक्षण का सीधा फायदा भाजपा के पूर्व नगरसेवक अधिवक्ता संजय बालपांडे को हुआ। 31 मई को लिए गए पिछले आरक्षण में, उन्हें वार्ड 23 को छोड़ना पड़ रहा था लेकिन ओबीसी आरक्षण के बाद उन्हें अपने पुराने प्रभाग से ही लड़ने का पुनः अवसर मिल गया.

इस वार्ड में पूर्व महापौर दयाशंकर तिवारी के भी सामान्य खुले वर्ग से चुनाव लड़ने की संभावना है। वार्ड 26 से पूर्व स्थायी समिति अध्यक्ष बाल्या बोरकर को भी खुले सामान्य वर्ग से रास्ता साफ है.उनकी तरह पूर्व महापौर संदीप जोशी, सत्तारूढ़ दल के पूर्व नेता अविनाश ठाकरे, पूर्व विपक्षी नेता तानाजी वनवे, पूर्व स्थायी समिति के अध्यक्ष प्रकाश भोयर, भाजपा के बंटी कुकड़े, पिंटू झलके, शिवसेना के किशोर कुमेरिया, कांग्रेस के प्रफुल्ल गुड़धे, संदीप सहारे आदि सुरक्षित हैं.

लेकिन वार्ड 20 में कांग्रेस के हरीश ग्वालवंशी को झटका लगा है. उनके वार्ड में एक सीट अनुसूचित जनजाति के लिए और दो सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित हो गई। इसके अलावा भाजपा के संदीप गवई को भी झटका लगा हैं, उन्हें प्रभाग 19, 34, 44 से चुनाव लड़ने के लिए अनुकूल अनुकूल दिख रहा हैं.इस वार्ड में अनुसूचित जाति के लिए सीटें आरक्षित हैं।
प्रभाग 32 पूर्व स्थायी समिति के अध्यक्ष बंडू राउत के लिए अनुकूल है, जो 2017 में पिछले नगरपालिका चुनावों में हार गए थे।राऊत को पुनः उम्मीदवारी मिल सकती हैं.

पूर्व स्थाई समिति सभापति अविनाश ठाकरे के लिए उनका वर्त्तमान प्रभाग अनुकूल है वे मनपा चुनाव लड़ेंगे या नहीं अभी तय नहीं हुआ हैं.

कुमेरिया का सामना झलके या कुकड़े से !
प्रभाग 29 और 49 दोनों ही शिवसेना के किशोर कुमेरिया के लिए अनुकूल हैं। उनके प्रभाग 29 में सामान्य वर्ग से चुनाव लड़ने की संभावना है। संभावना है कि उन्हें इस वार्ड में पूर्व परिवहन समिति सभापति बंटी कुकड़े से चुनौती मिल सकती हैं. अगर कुमेरिया वार्ड 49 से सामान्य वर्ग से चुनाव लड़ते हैं, तो उनके पूर्व स्थायी समिति के अध्यक्ष पिंटू झलके के विरुद्ध चुनाव लड़ना पड़ सकता हैं.

भाजपा करवाएगी पुनः सर्वे
आगामी मनपा चुनाव के लिए भाजपा के प्राथमिकी सर्वे में 70% तत्कालीन नगरसेवकों का पत्ता कटने की सुचना सार्वजानिक हो गई थी.अब जबकि सभी आरक्षण घोषित हो गई हैं,भाजपा इसी माह 3 सर्वे करवाने जा रही एक पार्टी स्तर,दूसरा गडकरी स्तर तो तीसरा फडणवीस स्तर,इसके बाद ही भाजपा उम्मीदवारों के चयन प्रक्रिया शुरू कर उम्मीदवार घोषित करेंगी।भाजपा चाहती है कि उन्हें मनपा में चौथा मौका मिले।संगठन मजबूत होने के कारण यह संभव भी हैं.

कांग्रेस अंदरूनी कलह में उलझी
कांग्रेस के स्थानीय नेतृत्व राऊत,चतुर्वेदी,ठाकरे के मध्य अस्तित्व को लेकर भीषण द्वन्द चल रहा.इन दिनों राऊत,चतुर्वेदी के इशारे पर उनके समर्थक दिल्ली में ठाकरे का विरोध कर अगला चुनाव नए अध्यक्ष के नेतृत्व में लड़ने के लिए कोशिश कर रहे.कांग्रेस आलाकमान कितना भी विरोध हो तुरंत निर्णय लेने में असक्षम हैं,नतीजा आने वाले चुनाव पर पहले की तरह पड़ने की संभावना को नाकारा नहीं जा सकता।

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