Published On : Fri, Nov 10th, 2023
By Nagpur Today Nagpur News

असली दाम, नकली काम…विदेश यात्राओं के लिए 250 मरीजों को लगाया फर्जी पेसमेकर, दिल दहला देंगी इस डॉक्टर की करतूतें

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नकली पेसमेकर लगाकर करोड़ों रुपये कमाने वाले सैफई मेडिकल यूनिवर्सिटी के कार्डियोलॉजिस्ट डॉक्टर समीर सर्राफ को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया. उन्होंने 250 से ज्यादा मरीजों को असली पेसमकर की कीमत लेकर नकली लगा दिया जिससे कई लोगों को तकलीफों का सामना करना पड़ा. सर्राफ ने जिन कंपनियों के नकली पेसमेकर मरीजों को लगाए उन कंपनियों ने उन्हें 8 बार विदेश यात्राएं कराई थीं.

सैफई मेडिकल यूनिवर्सिटी के कार्डियोलॉजिस्ट डॉक्टर समीर सर्राफ ने इस पवित्र पेशे को ही बदनाम कर दिया. मरीजों को नकली पेसमेकर लगाने के आरोप में सैफई पुलिस ने इन्हें गिरफ्तार किया है. आप जब उनकी कारगुजारियों को जानेंगे तो हैरान रह जाएंगे.

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250 लोगों को ऑपरेशन करके नकली पेसमेकर लगाने के मामले में डॉक्टर समीर सर्राफ के खिलाफ शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने इन्हें गिरफ्तार किया है. आरोप है कि समीर सर्राफ मरीजों को नकली पेसमेकर लगाने के लिए कंपनियों से समझौता किया था. इसके एवज में वो मरीजों को ब्रांडेड कंपनी के नाम पर नकली पेसमेकर लगाकर मोटा पैसा कमाते थे. इतना ही नहीं इस काम के बदले में ये कंपनियां डॉक्टर को 8 विदेश यात्राएं करवा चुकी हैं.

मेडिकल उपकरण खरीदने के नाम पर भी घोटाला
यूनिवर्सिटी में मेडिकल उपकरण खरीदने के नाम पर भी इस डॉक्टर ने लगभग ढाई करोड़ रुपए का घोटाला किया था. गजेटेड अधिकारियों और पुलिस जांच में डॉक्टर समीर सर्राफ दोषी पाए गए हैं. सैफई पुलिस ने आईपीसी की कई धाराओं में केस दर्ज कर उन्हें जेल भेज दिया है.

नकली पेसमेकर के लिए ले रहे थे दोगुना पैसा
दरअसल यह पूरा मामला फरवरी 2022 से शुरू हुआ था. कुछ मरीजों ने पुलिस में जाकर डॉक्टर समीर के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाई थी, जिसमें कहा गया था की उनके हर्ट का ऑपरेशन करके नकली पेसमेकर लगा दिया गया है, जिससे उनको तकलीफ के दौर से गुजरना पड़ रहा है. जांच समिति ने पाया कि सर्राफ ने पेसमेकर लगाने के लिए एक मरीज से 1.85 लाख रुपये लिए, जो तय रकम 96,844 रुपये से लगभग दोगुना है.

रिश्वत लेते सीसीटीवी वीडियो हुआ था वायरल
उस समय डॉक्टर समीर सर्राफ के द्वारा रिश्वत लेने का भी सीसीटीवी वीडियो वायरल हुआ था. मामले की गंभीरता को देखते हुए सैफई थाने की पुलिस ने 17/22 में धारा 7, 8, 9, 13 के तहत केस दर्ज किया था. अब डॉक्टर की गिरफ्तारी के बाद वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय कुमार ने बताया कि साल 2022 में एक केस दर्ज करने के बाद इस मामले की जांच गजेटेड अधिकारी और पुलिस कर रही थी. इनकी गिरफ्तारी को लेकर शासन को चिट्ठी लिखी गई थी जिसके बाद वहां से अनुमति मिलने पर डॉक्टर को गिरफ्तार कर लिया गया.

नियम के अनुसार हुई कार्रवाई: एसएसपी
उन पर नियम के अनुसार कार्रवाई की गई है. उन्होंने बताया कि अभी तक की तफ्तीश में लगभग ढाई सौ मरीजों के साथ पेसमेकर लगाने में धांधली का मामला सामने आया है. मरीजों के जीवन से खिलवाड़ किया गया है. इसमें अन्य लोगों के भी शामिल होने की संभावना है और जांच जारी है.

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