पंढरपुर : महाराष्ट्र के पंढरपुर में प्रसिद्ध पंडित प्रदीप मिश्रा के कार्यक्रम के पहले दिन भीड़ का फायदा उठाकर आभूषण चोरी करने वाली 13 महिलाओं और एक पुरुष को पुलिस ने गिरफ्तार लिया है. उत्तर प्रदेश और राजस्थान से आया चोरों का यह गिरोह भीड़ में घुसकर महिलाओं के गहने चुराता है. इनके गिरोह में कई लोग शामिल हैं. दरअसल, पुलिस को पता था कि पंडित प्रदीप मिश्रा के कार्यक्रम में लाखों की तादाद में श्रद्धालु आएंगे.
इस मौके का चोर-लुटेरे भी फायदा उठाएंगे. इसलिए पुलिस ने वहां अपनी टीमों का गठन कर दिया. प्रोग्राम के पहले ही दिन 7 से 8 लाख श्रद्धालु यहां आए. इस दौरान पुलिस ने 13 महिलाओं और 1 पुरुष को गिरफ्तार किया. जिन्होंने प्रोग्राम के दौरान श्रद्धालुओं का सामान और गहने चुराए. पुलिस निरीक्षक अरुण फुगे ने बताया कि सभी चोरों के इस गिरोह से पूछताछ की जा रही है. बाकी के साथियों का भी पता लगाया जा रहा है.
कौन हैं पंडित प्रदीप मिश्रा?
कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा का जन्म मध्य प्रदेश के सीहोर में एक मध्यमवर्गीय परिवार में हुआ था. इनका उप नाम रघु नाम है. वहीं इनके पिता का नाम रामेश्वर दयाल मिश्रा है. मीडिया रिपोर्ट की मानें तो पंडित प्रदीप मिश्रा ने ग्रेजुएशन तक की पढ़ाई की है. वे स्कूल में पढ़ाने के साथ साथ पंडिताई भी करना शुरू कर दिए. वे बचपन से ही शिवपुराण का प्रवचन ज्यादा करते हैं. वे कथा के दौरान भक्तों को समस्याओं से निजात पाने का उपाय भी बताते हैं. इसी कारण पंडित प्रदीप मिश्रा की प्रसिद्धि धीरे-धीरे बढ़ने लगी और आज इनके करोड़ों की संख्या में फालोअर्स हैं.
जानिए कैसे शुरू हुआ सफर
पंडित प्रदीप मिश्रा ने एक शिव मंदिर से कथावाचन की शुरुआत की. इस दौरान वे शिव मंदिर में साफ-सफाई करते थे. पंडित प्रदीप मिश्रा सबसे पहले सीहोर में कथावाचक के रूप में मंच संभाला. वे अपने कार्यक्रम के दौरान कहते हैं- ‘एक लोटा जल समस्या का हल’. साथ ही वे अपने कथा के दौरान लोगों को समस्याओं से निजात पाने के लिए पूजा उपाय बताने लगे. यहीं से उनकी प्रसिद्धि बढ़नी शुरू हुई और लोग प्रदीप मिश्रा के कथा सुनने लगे. अपने कथा और उपायों के चलते पंडित प्रदीप मिश्रा फेमस हो गए. अक्सर देश के कोने-कोने में उनके प्रोग्राम आयोजित किए जाते हैं.