Published On : Thu, Jul 11th, 2019

जबलपूर से अगवा बालक, नागपुर में मिला

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गोंदिया एसपी ने ली मामले की सुध, बच्चा सुरक्षित घर पहुंचा

गोंदिया: स्कूली बच्चों के अपहरण की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही। एक दिन पूर्व ही गोंदिया पुलिस ने स्कूल से बच्चे को अगवा करने वाले 5 आरोपियों को सलाखों के पीछे पहुंचाया है।

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ताजा घटना की कड़ीयां जबलपूर, नागपुर तथा गोंदिया को आपस में जोड़ती है। जबलपूर के थाना तिलवारा के शास्त्रीनगर निवासी दिपक उपाध्याय का बेटा कृष्णा जो विजडम वैली स्कूल में कक्षा 7 वीं में पढ़ता है,. यह बुधवार 10 जुलाई के शाम 6.15 बजे टियुशन क्लॉस जाने हेतु घर से निकला, जिसके बाद वह घर नहीं लौटा तो परिजन चिंतित हो उठे।

बालक की रिश्तेदार, सगे-संबंधियों के यहां खोजबीन की गई जब सफलता हाथ नहीं लगी तो अपहरण की आशंका से ग्रस्त होकर पीड़ित पिता ने जबलपुर के तिलवारा थाना कोतवाली जाकर रात 11 बजे बेटे को अगवा किए जाने का मामला दर्ज कराया।

चूंकि बेटे के चाचा सुनिल उपाध्याय यह गोंदिया पुलिस अधीक्षक विनीता साहू के यहां पुजा-अनुष्ठान के कार्यों हेतु अकसर गोंदिया आते है, लिहाजा घटना की जानकारी उपाध्याय परिवार ने गोंदिया पुलिस अधीक्षक को देकर मदद की गुहार लगायी।

इंसानीयत के नाते पुलिस अधीक्षक ने गोंदिया स्थानीक अपराध शाखा दल के निरीक्षक दिनकर ठोसरे व उनकी टीम को बच्चे को खोजने की जिम्मेदारी सौंपी।

उक्त अपहर्णित बालक को आज गुरूवार 11 जुलाइ के शाम नागपुर के लोहा पुल निकट स्थित बस स्टॉप समीप एलसीबी दल ने खोज निकाला तथा आवश्यक कागजी कार्रवाई पश्‍चात अपहर्णित बालक को जबलपुर पुलिस के सुपुर्द किया गया।

अपहर्णित बालक से प्रारंभिक पूछताछ के बाद गोंदिया स्थानीय अपराध शाखा दल के पुलिस निरीक्षक दिनकर ठोसरे ने जानकारी देते बताया, बच्चे को टियुशन जाते वक्त 2 लोगों ने अगवा कर उसे ऑटो में बिठाया तथा रूमाल पर क्लोरोफार्म छिड़ककर उसे सुंघाया जिससे वह बेहोश हो गया। बच्चे के शरीर पर धारण किए गए कपड़ों से भी डीओ परफ्यूम जैसी दुर्गंध आ रही है जिससे अनुमान लगाया जा रहा है कि, बच्चे को गूंगी औषधी सुंघाकर ही मुर्छित किया गया होगा? आरोपी ट्रेन द्वारा बच्चे को जबलपुर से नागपुर लेकर पहुंचे, यह ट्रेन आज सुबह नागपुर पहुंची।

पकड़े जाने के डर से आरोपी, बच्चे को बोगी में ही बेहोशी की अवस्था में छोड़कर भाग गए। गाड़ी के डिब्बे की सफाई करने वाले एक व्यक्ति ने बच्चे को हिलाकर उठाया और पूछा कहां जाना है? तो बच्चे ने कहा- जबलपुर लेकिन यह तो नागपुर है? तू जबलपुर का रहने वाला नागपुर कैसे पहुंचा? घबराया बच्चा स्टेशन से बाहर आया और इधर-उधर पूछताछ कर रहा था, इसपर एक ऑटो वाले ने उसे बिठाकर मध्यप्रदेश के एसटी स्टैंड (लोहा पूल बर्डी) निकट छोड़ दिया।

इसी दौरान पुलिस अधीक्षक मैडम को इन्फर्मेशन आयी कि, बच्चा नागपुर में लोहा पूल के आसपास है, हमने उसे सर्च किया और अपने ताबे में लिया। क्योंकि जबलपुर थाने में बच्चे के गुमशुदगी की एफआईआर दर्ज है, इसलिए हमने जबलपुर पुलिस से संपर्क साधा और बालक को सुरक्षित जबलपुर पुलिस ने हैंडवर्क किया।

इस तरह गोंदिया जिला पुलिस अधीक्षक ने मानवता का फर्ज निभाते हुए एक बालक को सुरक्षित उसके घर तक पहुंचाने में अहम भूमिका अदा की।
अब जबलपुर पुलिस, बच्चे को अगवा करने वाले अपहरणकर्ताओं की शिद्दत से तलाश में जुटी है।

 

 

 

 

 

 

रवि आर्य

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