Published On : Thu, Nov 16th, 2017

GST में कमी के बाद भी होटल में खाना नहीं होगा सस्ता, जानिए क्या है वजह

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नई दिल्ली: GST परिषद की तरफ से जीएसटी रेट में किए गए बदलाव बुधवार से लागू हो गए हैं, लेकिन इस पर होटल और रेस्टोरेंट मालिकों की तरफ से मिली-जुली प्रतिक्रिया आई है.

होटल में खाने पर अब आप से सिर्फ 5 फीसदी GST वसूला जाएगा जो पहले 18 फीसदी था. GST रेट घटने से होटल में खाना सस्ता होना चाहिए, लेकिन ऐसा होने में दिक्कत आ सकती है.

होटल व रेस्तरां में आपको GST तो 5 फीसदी ही चुकाना होगा, लेकिन आपके बिल में ये फायदा शायद ही दिखे. इसकी वजह यह है कि बहुत से होटल मालिकों ने पहले ही खाने के मेन्यु के रेट बढ़ा दिए हैं और दूसरी बात यह कि इनपुट टैक्स क्रेडिट का फायदा नहीं मिलने की वजह से होटल मालिक ग्राहकों को राहत ना दें.

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नियमित रूप से होटल में खाना खाने वाले कुछ ग्राहकों का हालांकि मानना है कि उन्हें फायदा हो रहा है. रेस्टोरेंट ऑपरेटर ने सरकार के इस कदम का स्वागत किया है और उनका कहना है कि लंबी अवधि में इससे ग्राहकों को आकर्षित करने में मदद मिलेगी. इनपुट टैक्स क्रेडिट का फायदा नहीं मिलने की वजह से उनमें हालांकि थोड़ी मायूसी भी है.

बहुत से रेस्टोरेंट ने हालांकि इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) का फायदा ख़त्म कर देने की वजह से कीमतें बढ़ा भी दी हैं. पहले खाना पकाने में यूज होने वाले सामान के अलग चरण पर लगा टैक्स ITC के माध्यम से उन्हें वापस मिल जाता था.

दिल्ली के पंजाबी बाय नेचर रेस्टोरेंट में खाना खा रहे लोग शेफ स्पेशल दाल के लिए पहले की तरह ही रकम चुका रहे थे. पहले इस डिश की कीमत 395 रुपये थी. अब इसका रेट बढ़ाकर 445 रुपये कर दिया गया है. पहले बिल 466.10 रुपये आता था जो अब 467.25 रुपये हो गया है.

बेंगलुरू के स्टारबक्स में कॉफ़ी ऑर्डर करने वाले एक ग्राहक ने कहा, ‘टैक्स में इस कटौती से कैसे किसी को फायदा हो सकता है? मुझे तो उतनी ही रकम चुकानी पड़ रही है.’ बुधवार को ही चेन ने शार्ट सिग्नेचर हॉट चॉकोलेट की कीमत 155 से बढ़ाकर 170 रुपये कर दी है.

स्टारबक्स ने हालांकि कहा कि टैक्स के बाद उसके ग्राहकों को अब पहले की तुलना में 8 रुपये तक कम बिल चुकाना होगा.

मुंबई के बांद्रा में हालांकि कुछ ग्राहकों ने कहा कि शिव सागर, करीम और पापा पेंचो जैसे रेस्टोरेंट ने कीमत नहीं बढ़ाई है और ग्राहकों को GST दर में कटौती का फायदा दिया है.

जुबिलियेंट फ़ूड वर्क्स ने भी हालांकि कहा कि उसने ग्राहकों को दरों में कटौती का लाभ उपलब्ध कराया है.

ग्राहकों को लाभ
टैक्स एक्सपर्ट का अनुमान है कि मेनू में मौजूद सामान की कीमत बढ़ाने के बाद भी GST की दर 5 फीसदी रहने से ग्राहकों को फायदा होगा. पहले इस पर 18 फीसदी GST था.

PwC इंडिया के नेशनल लीडर (इन डायरेक्ट टैक्स) प्रतीक जैन ने कहा, ‘इनपुट टैक्स क्रेडिट का लाभ नहीं मिलने की स्थिति में होटल बेस रेट बढ़ा देंगे. इस हिसाब से टैक्स की दर करीब 13 फीसदी घट गयी है. ITC में रेस्टोरेंट को 5-7 फीसदी का फायदा हो सकता था. इस हिसाब से कीमत में 5-6 फीसदी की कमी आनी चाहिए.’

बढ़ जायेंगे रेट
रेस्तरां मालिकों का कहना है कि GST 5 फीसदी करने के बाद भी इसका ज्यादा फायदा उन्हें नहीं मिल पाएगा. उनका कहना है कि ITC की सुविधा उनसे लिये जाने की वजह से उनकी जेब पर बोझ पड़ेगा. ऐसे में कीमतें बढ़ सकती है.

डेगस्टीबस हॉस्पिटैलिटी के चीफ एग्जिक्यूटिव अनुराग कटियार ने कहा, ‘ITC सुविधा वापस लिया जाना अच्छी खबर नहीं है. हमें अब कीमत बढ़ाने पर विचार करना होगा.’

उन्होंने कहा, ‘ग्राहकों के लिए GST की नई दरें बेहतर हैं. लंबी अवधि में इससे ग्राहकों को आकर्षित करने और टैक्स का दायरा बढ़ाने में मदद मिलेगी.’

खर्च बढ़ेगा
बड़े होटल को ITC से काफी फायदा होने की उम्मीद थी जो अब ख़त्म हो गयी है. कई रेस्तरां मालिक मेन्यू प्राइस में 10 फीसदी की बढ़ोत्तरी करने की तैयारी कर रहे हैं. अगर ऐसा होता है तो ग्राहक को जीएसटी के घटे स्लैब का फायदा नहीं मिल पाएगा.

जैन ने कहा, ‘पालिसी के हिसाब से ITC का फायदा ख़त्म करना सही कदम नहीं है. इससे अर्थव्यवस्था में नकदी की हिस्सेदारी बढ़ेगी. वास्तव में होटल मालिक अब नकदी में सामान खरीदने की कोशिश करेंगे जहां उन्हें टैक्स का कोई चक्कर ना पड़े.’

ज़ोमैटो के संस्थापक दीपिंदर गोयल ने कहा कि रेस्टोरेंट उद्योग टैक्स की दरें कम करने की मांग कर रहा है. उन्होंने कहा, ‘संक्षेप में कहें तो सरकार के इस कदम से होटल में खाना थोड़ा सस्ता हो सकता है.’

फाइव स्टार होटल के अलावा आउटडोर कैटरिंग पर भी 18 फीसदी जीएसटी आपको देना होगा. इस मामले में टैक्स स्लैब में कोई राहत नहीं दी गई है.हालांकि ये लोग इनपुट टैक्स क्रेडिट का फायदा ले सकते हैं.

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