Published On : Tue, May 14th, 2019

गोंदिया – रेल्वे सरकारी तालाब का होगा कायापलट

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गोंदिया: जब केंद्र और राज्य में एक ही पार्टी की सरकार हो तथा गोंदिया नगर परिषद के अध्यक्ष पद की कुर्सी पर भी उसी सत्तारूढ़ दल का नगराध्यक्ष बैठा हो तो एैसे में शहर का विकास होना लाजमी है।

हम बात कर रहे है शहर के प्रभाग क्र. 14 के यादव चौक स्थित 10.5 हेक्टर क्षेत्र में फैले रेल्वे सरकारी तालाब की, यह भूमि रेल्वे विभाग के स्वामित्व की है तथा इस सरकारी तालाब के पानी का उपयोग 4 दशक पूर्व कोयले से चलने वाली स्टीम इंजिन हेतु हुआ करता था। वक्त बदलता चला गया, डीजल इंजिन से आज इलेक्ट्रिक इंजिन तक सफर जा पहुंचा है। अब इस तालाब की रेल्वे को कोई दरकार नहीं लेकिन पूर्व की सरकारों में रहे रेलमंत्री लालू प्रसाद यादव, ममता बैनर्जी से कई मर्तबा स्थानीय सांसद और नेताओं ने गुहार लगायी कि, इस तालाब का सौंदर्यीकरण और गहराईकरण होना चाहिए तथा इसे ली़ज पर नगर परिषद को हस्तातंरित किया जाए लेकिन गठबंधन वाली सरकारों ने फाइलों को अटकाना, लटकाना और भटकाना जारी रखा। अब चूंकि, गोंदिया शहर के विकास पर केंद्रीय मंत्री नीतिन गड़करी भी खासा ध्यान केंद्रीत किए हुए है एैसे में भला विकास का पहिय्या कौन रोक सकता है?

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भाजपा को पूरा भरोसा है कि, केंद्र में उसी की सरकार बनेगी और राज्य में चुनाव 5 माह में होने है इसी के मुद्देऩजर अब शहर की जनता को कोई बड़ा काम नगर परिषद की ओर से बताया जाए इसी सोच के साथ रेल्वे सरकारी तालाब के पूर्ण सौंदर्यीकरण का मसौदा तैयार करते हुए उक्त 10.5 हेक्टर भूमि जिसका वॉटर बॉडी एरिया 7.5 हेक्टर है तथा 3 हेक्टर भूमि पर कच्चे झोपड़े और मकानों का अवैध अतिक्रमण हो चुका है । यह भूमि ली़ज पर नगर परिषद को हस्तातंरित कर मंजूरी प्रदान करने की प्रक्रिया तेज करते हुए आमसभा में ड्राफ्ट प्लान के अनुमानित खर्च के साथ एक प्रस्ताव तैयार कर केंद्र शासन के रेल्वे मंत्रालय को सादर कर लिया गया है।

इतना ही नहीं सर्वेक्षण और सीमांकन का काम भी शुरू कर दिया गया है। गोंदिया नगर परिषद के अध्यक्ष अशोकराव इंगले, मुख्याधिकारी चंदन पाटिल, बसपा जिला प्रभारी व पार्षद पंकज यादव तथा प्र्रभाग क्र. 14 के पार्षद लोकेश (कल्लू) यादव सहित इंजिनियरों की टीम ने रेल्वे सरकारी तालाब का संपूर्ण निरीक्षण किया और अवैध अतिक्रमण को हटाने की दिशा में भी अब सार्थक कदम उठाये जा रहे है।

15 करोड़ का है ड्रीम प्रोजेक्ट

शहर विकास योजना निधि से ड्रॉफ्ट प्लान 10.5 हेक्टर अनुमानित क्षेत्र के साथ तैयार किया गया है। सरकारी तालाब के सौंदर्यीकरण और उसके गहराईकरण साथ ही जलनिकाय का परिधिय तटबंध करने पर और भूनिर्माण और बागवानी के संदर्भ में पूना के आर्किटेक्ट दिव्यांनी ठक्कर द्वारा नक्शा तैयार किया गया है, इस बात की जानकारी पार्षद पंकज यादव ने देते बताया, शहर के वार्डों से आकर इस तालाब में मिलने वाले गंदे पानी की निकासी हेतु अलग से नाले का निर्माण होगा। पंप हाऊस और पाइप लाइन तैयार की जाएगी। उच्च प्रकाश व्यवस्था के साथ विद्युतीकरण, चारों तरफ फेन्सिंग बाड़, संगीत फव्वारे, पक्की फर्श (वॉकिंग ट्रेक), जलमग्न क्षेत्र में उतरने तथा बीच टापु तक जाने हेतु मार्ग, जलग्रह क्षेत्र में वृक्षारोपण, पयर्र्टन स्थल के बगीचे में बुर्जुर्गों के बैठने हेतु आधुनिक बेंच, घाट के बिंदू पर डिजीटल लाइटिंग तथा उस स्थल पर प्रतिमाओं का निर्माण तथा मौजुदा हनुमान मंदिर की टेकरी निकट सीढ़िया बनेगी और चौपाटी स्थल (हॉकर जोन) के साथ ही छोटी मुर्तियों और घट विर्सजन हेतु जलकुंड का निर्माण होगा। इन सबों पर अनुमानित लागत 14 करोड़ 93 लाख रूपये खर्च होगी। इसी निधि से तालाब पर फैले अतिक्रमण को हटाया भी जायेगा।

सौंदर्यीकरण पश्‍चात मोटर बोट चलेगी

गोंदिया में जमीन निगलनेवाले अजगरों की कमी नहीं। 10.5 हेक्टर रेल्वे तालाब की जमीन में से 3 हेक्टर जमीन पर इस वक्त अवैध रूप कब्जा कर झोपड़े बना दिए गए है। क्योंकि रेल्वे प्रशासन कभी अपनी जमीन नहीं छोड़ता, लिहाजा अब इस दिशा में भी संबंधितों को नोटिस भेजकर अपना अवैध निर्माण हटाने को कहा जायेगा तथा एक तय मियाद के बाद अवैध अतिक्रमण के खिलाफ बुलडोजर चलाकर तालाब की 10.5 हेक्टर समूची जमीन को अतिक्रमण से मुक्त कराकर तालाब के गहराईकरण और उसके सौंदर्यीकरण का कार्य शुरू किया जायेगा। यह 15 करोड़ की परियोजना पूर्ण हो जाने के बाद शहर के इस स्थल को पर्यटन के रुप में एक नई पहचान मिलेगी साथ ही यहां मोटरबोट जैसी सुविधा में शुरू की जायेगी ।

रेल्वे तालाब की जमीन पर बने मकानों पर चलेगा बुलडो़जर

पार्षद पंकज यादव ने कहा- जो भी रेल्वे सरकारी तालाब की जमीन पर बैठा है, उसे उस जमीन को छोड़ना ही पड़ेगा? यह रेल्वे का कायदा है। इस ड्रीम प्रोजेक्ट को पूरा करने के लिए तालाब के क्षेत्र के किनारे चारों तरफ से जो भी लोग अतिक्रमण कर बैठे है उन्हें रेल्वे प्रशासन, गोंदिया नगर परिषद तोडू दस्ते तथा पुलिस विभाग की मदद लेकर हटाया जायेगा।
गौरतलब है कि, सतनामी मोहल्ले से लेकर सिंधी कॉलोनी, नील गली, बाराखोली, टेऊंराम आश्रम के पीछे तथा सुंदरनगर और छोटा भीमनगर (पानी टंकी के निकट) के तालाब शोर पर लगभग 500 से अधिक मकान तालाब की जमीन पर कब्जा कर बना दिए गए है। इनमें से कुछ मकान पक्के तो कुछ कच्चे है, जिन पर अब बुल्डोजर चलना लगभग तय है।

– रवि आर्य

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