Published On : Fri, Nov 26th, 2021
By Nagpur Today Nagpur News

गोंदिया: मोक्षधाम किसी ‘गार्डन ’ से कम नहीं है

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अग्नि दाह संस्कार के पिंजरे व मोक्ष धाम स्थित मंदिरों के छत का लोकार्पण 28 नवंबर को

गोंदिया। गोंदिया शहर का मोक्षधाम अब साधारण मोक्षधाम नहीं रहा है इस मोक्ष धाम की तस्वीर बदल चुकी है। मोक्ष धाम की बदहाल हालत को दूर करने के लिए जून 2016 में स्वच्छता अभियान के माध्यम से सभी समाजों को एकत्रित कर सर्व समाज मोक्ष धाम सेवा समिति का गठन किया गया जिसने मोक्षधाम को सुंदर गार्डन का स्वरूप देकर इसके प्रति लोगों की सोच ही बदल डाली है। ठंडे पेयजल की मशीन व्यवस्था, मोक्ष धाम गेट पर फव्वारे की व्यवस्था, मुख्य द्वार पर देवों के देव महादेव की विशाल प्रतिमा , मां काली का भव्य मंदिर , सुविधा जनक टू व्हीलर, फोर व्हीलर पार्किंग स्टैंड , मुख्य द्वार समीप छोटा सा गार्डन, बच्चों के झूले आदि विकास कार्य किए गए तथा यह मानव सेवा के बदौलत चल रहा निरंतर विकास कार्य का सिलसिला अभी थमा नहीं है।

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बीड के 8 स्ट्रक्चर स्थापित , हाई ब्रिक्स की फ्लोरिंग की गई

जीवन के अंतिम पड़ाव वाली जगह मोक्ष धाम में कोई भी दिन ऐसा नहीं बीतता , जब यहां कोई चिता नहीं चलती हो ? औसतन 6 से 8 शवों का अंतिम संस्कार यहां हर दिन गोबरी और जलाऊ लकड़ी का उपयोग कर संपन्न किया जाता है

लेकिन लोह स्ट्रक्चर जर्जर होकर टूट फूट गए थे और जालियों की जमीनी सतह पर भी गड्ढे निर्मित हो गए थे लिहाज़ा मृत शरीर की अस्थियों को पूर्ण रूप से इकट्ठा करने में खासी दिक्कतें निर्माण हो रही थी जिसका संज्ञान चिराग दिनेशभाई पटेल ने लिया और उनकी पहल पर गुजराती समाज के आर्थिक सहयोग से साढ़े 8 लाख रुपए की लागत से बीड के आठ स्ट्रक्चर नडियाल (गुजरात ) से 2 माह के अंदर तैयार करवा कर गोंदिया बुलाए गए इसके साथ ही राइस मिल के बॉयलर में इस्तेमाल होने वाली हाई ब्रिक्स (विशेष ईटें ) मोक्ष धाम में फ्लोरिंग हेतु इस्तेमाल की गई है।

अत्याधिक तापमान को झेलने वाली इस 1 ईंट की कीमत 300 रूपए है जबकि 2000 हाई ब्रिक्स ईटों का उपयोग यहां फ्लोरिंग हेतु किया गया है।
मोक्षधाम सेवा समिति के संयोजक देवेश मिश्रा ने जानकारी देते बताया- दाह संस्कार विधि में समय की बचत को लेकर भी कदम उठाए गए हैं तदहेतु 4 बीड स्ट्रक्चर के नीचे अंडर ग्राउंड एयर पाइप बिछाए गए हैं तथा ब्लोअर मशीन की व्यवस्था की गई है।इस सुविधा के बाद अब चिता को जल्द अग्नि पड़ेगी तथा राल-घी आदि का उपयोग करने की आवश्यकता भी कम पड़ेगी , ब्लोअर मशीन के माध्यम तेज हवा के जोर से दाह संस्कार जल्दी होगा और तकरीबन आधे घंटे के समय की बचत होगी।

इतना ही नहीं मोक्षधाम के भीतर बने ऊंचे ऊंचे 10 सीमेंट शेड पर ट्रिपल कोड पेंटिंग से विशेष रंग रोगन किया गया है जिसके बाद ऐसा लगता है इस पर पुटिंग की गई हो नागपुर के आर्किटेक्ट ने पेंट भी विशेष रूप का इस्तेमाल किया है जिससे अब सिमेंट स्ट्रक्चर धुएं से काला कम ही दिखेगा ।
क्षेत्र के पार्षद राजकुमार कुथे तथा नेहा नायक ने नगर परिषद की ओर से आसपास के परिसर में गट्टू भी लगाए हैं तथा जो ढांचे पुराने जर्जर हो गए थे उसकी रिपेयरिंग भी की गई है साथ ही मोक्षधाम में स्थित मंदिरों की छतें भी बनाई गई है।

मोक्ष धाम परिसर के इन समूचे विकास कार्यों का लोकार्पण रविवार 28 नवंबर को होगा ।

सुबह 7:00 से 8:30 के बीच मोक्ष धाम सेवा समिति द्वारा आयोजित इस लोकार्पण कार्यक्रम हेतु सर्व समाजों के अध्यक्षों और जनप्रतिनिधियों को आमंत्रित किया गया है ऐसी जानकारी मोक्ष धाम सेवा समिति के अध्यक्ष रोशन जायसवाल ने दी।

विद्युत शवदाह गृह के लिए लंबा इंतजार कब तक ?

कोरोना काल के दौरान जब मरने वालों की संख्या बेतहाशा बढ़ने लगी तब से गोंदिया मोक्षधाम में विद्युत शवदाह गृह को शुरू करने की मांग तेज हो गई। मोक्ष धाम सेवा समिति ने भी शवदाह गृह हेतु मशीन लगाने का सुझाव क्षेत्र के सांसदों और विधायकों को दिया लेकिन अब तक यहां संक्रमित व अन्य शवों के सुव्यवस्थित दाह संस्कार की प्लानिंग नहीं की गई है ।

गोंदिया नगर परिषद और जिला प्रशासन से जल्द विद्युत शवदाह गृह शुरू करने की मांग हो रही है।

-रवि आर्य

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