Published On : Wed, Aug 31st, 2022
By Nagpur Today Nagpur News

VIDEO गोंदिया: यात्रियों ने रोकी ट्रेन , लेटलतीफी पर मचाया हंगामा

Advertisement

मालगाड़ी को प्राथमिकता , पटरियों के बीचों बीच बैठ दिया धरना

गोंदिया। गत कुछ समय से पैसेंजर सहित लगभग सभी ट्रेंने अपने निर्धारित समय से 3 से 4 घंटे देरी से चल रही है। गोंदिया-बालाघाट रूट पर तो यात्रियों की हालत बेहद ही खराब है। लंबे समय से ट्रेनों की लेट-लतिफी से आक्रोशित यात्रियों का गुस्सा आखिरकार मंगलवार 30 अगस्त को फुट पड़ा और खारा स्टेशन पर ट्रेन के पहुंचते ही मजदूरों सहित ग्रामीण यात्रियों ने पटरी के बीचोंबीच बैठकर धरना आंदोलन शुरू कर दिया जिससे लगभग 1 घंटे तक ट्रेन स्टेशन पर रूकी रही।

Gold Rate
04 April 2025
Gold 24 KT 90,500/-
Gold 22 KT 84,200 /-
Silver / Kg - 93,500 /-
Platinum 44,000 /-
Recommended rate for Nagpur sarafa Making charges minimum 13% and above

यात्रियों का कहना है कि, महिनों से गोंदिया-बालाघाट रूट पर चलने वाली सभी पैसेंजर ट्रेनें 3-4 घंटे देरी से चल रही है जिससे उन्हें भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है।
प्रतिदिन सैंकड़ों मजदूर, छात्र-छात्राएं व अन्य यात्री इन पैंसेजर ट्रेनों से गोंदिया आना-जाना करते है लेकिन ट्रेन देरी से चलने से वे समय पर पहुंच नहीं पाते।

30 अगस्त मंगलवार को तिरोड़ी- गोंदिया ट्रेन (क्र. 07802) यह तिरोड़ी स्टेशन से 1 घंटा देरी से सुबह 8.51 बजे रवाना हुई जो बालाघाट स्टेशन से होकर सुबह 11.45 बजे लगभग 2 घंटा देरी से खारा स्टेशन पहुंचने पर मजदूरों व अन्य यात्रियों का गुस्सा फुट पड़ा और वे खारा स्टेशन पर ट्रेन के इंजिन के आगे आकर पटरियों के बीच बैठ गए और ट्रेन को समय पर संचालित करने की मांग करते हुए ट्रेन को रोके रखा।

आखिरकार मौके पर पहुंची पुलिस के काफी समझाने के बाद मजूदर पटरियों से उठे और लगभग 1 घंटे के बाद ट्रेन गोंदिया की ओर रवाना हुई।

गौरतलब है कि, गोंदिया- बालाघाट के बीच बिरसोला स्टेशन पर यात्री पैसेंजर ट्रेनें 2 से 5 घंटे तक रोकी जा रही है और मालगाड़ी धड़ा धड़ जा रही है। बेचारे यात्री काटी (बरसोला) स्टेशन से 100 रुपए प्रति यात्री के हिसाब से ऑटो करके गोंदिया आने को विवश है। रविवार 28 अगस्त को यात्रियों और स्टेशन प्रबंधक के बीच काफ़ी हो-हल्ला मचा और नौबत मारा पीटी तक आ गई थी बावजूद इसके रेल प्रशासन कोई कार्यवाही नही कर रहा है, नागपुर कन्ट्रोल की मनमानी की सजा स्टेशन मास्टर और यात्री भूगत रहे है।

ट्रेनों की लेटलतीफी पर नागरिकों का कहना है कि इससे अच्छा तो अंग्रेजो की छोटी लाईन (नैरोगेज) ही सही थी। जब से कोरोना कॉल पश्‍चात गोंदिया जबलपुर के बीच बड़ी रेल लाइन पर पैसेंजर ट्रेनों की आवाजाही शुरू हुई है तब से डेमू और मेमू लोकल ट्रेनों को छोटी-छोटी स्टेशनों पर रोक कर माल गाड़ियों को आगे बढ़ाया जा रहा है।

रवि आर्य

Advertisement
Advertisement