Published On : Thu, Jun 28th, 2018

मुस्लिम राष्ट्रीय मंच कश्मीरी युवकों में राष्ट्रवाद की भावना जगाने का करेगा काम

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नागपुर: मुस्लिम राष्ट्रीय मंच कश्मीर में पत्थरबाजी करने वाले युवाओं में देशभक्ति की अलख जगाने का काम करेगा। इस काम के लिए बाकायदा संगठन द्वारा कार्यक्रम तैयार किया गया है जिसके अंतर्गत देश भर के मंच से जुड़े कार्यकर्ता जम्मू-काश्मीर का दौरा करेंगे। इस दौरान देश भर के मुस्लिम विचारकों का प्रबोधन शिविर भी आयोजित किया जायेगा। 20 जून को दिल्ली में आयोजित राष्ट्रीय मुस्लिम मंच की बैठक में इस संबंध में निर्णय लिया जा चुका है। इस बैठक में मंच द्वारा कश्मीर के युवाओं की शिक्षा के लिए आर्थिक फंड जुटाने का भी फ़ैसला लिया गया है।

आरएसएस के वरिष्ठ प्रचारक और मुस्लिम रास्ट्रीय मंच के संयोजक इंद्रेश कुमार ने नागपुर टुडे को बताया की इस बैठक में देश भर के मुस्लिम युवकों में राष्ट्रभक्ति की अलख जगाने और उनके सर्वांगीण विकास के लिए काम करने का प्रस्ताव पारित किया गया है लेकिन जम्मू-कश्मीर में विशेष तौर पर काम किया जायेगा।

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मंच अपने इस कार्यक्रम के तहत कश्मीरी युवकों को यह समझाने का प्रयास करेगा की पत्थरबाजी से उसे क्या हासिल हुआ है ? क्या युवकों को बेहतर शिक्षा मिली,नौकरी मिली,उन्नति मिली ? देश के मुसलमानों का आदर्श केवल डॉ कलाम हो सकते है। कश्मीरी युवकों को कलाम से अवगत कराने का मुलिस्म राष्ट्रीय मंच द्वारा किया जायेगा।

मंच इसी अभियान के अंतर्गत कश्मीरी युवकों के मन में अनधिकृत रूप से पाकिस्तान द्वारा जबरन कब्ज़ा किये गए हिस्से को भारत में जोड़ने के लिए जनआंदोलन की भूमिका तैयार करने का काम किया जायेगा। इंद्रेश कुमार के मुताबिक हम कश्मीर के युवाओं को समझायेंगे की पाक अधिकृत कश्मीर,जम्मू कश्मीर का अभिन्न अंग है। और जम्मू-कश्मीर भारत का ही हिस्सा है।

कश्मीरी युवकों के बीच देश के अन्य भाग में रहने वाले मुसलमानों के राष्ट्रवादी रवैय्ये का परिचय करवाने के लिए राखी के अवसर पर मुस्लिम महिलाओं द्वारा सरहद में देश की सुरक्षा में तैनात जवानों को राखी बांधने का कार्यक्रम भी आयोजित किया जायेगा।

जम्मू-कश्मीर में वर्त्तमान में शुरू गतिविधियों के बीच मंच का यह कार्यक्रम अहम कहाँ जा सकता है। हालही में अलगावादियों के प्रति उदार रवैय्या अपनाने का आरोप लगाते हुए बीजेपी ने पीडीपी से समर्थन वापस ले लिया जिससे सरकार गिर गई। दूसरी तरफ राज्य में हिंसा और पत्थरबाजी की घटनाओं में भी कोई खास कमी नहीं आयी है। ऐसे में मुस्लिम राष्ट्रीय मंच अपने काम में कितना सफ़ल होगा यह देखना दिलचस्प होगा।

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