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पेट्रोल-डीजल के दामों में देश भर में लगी आग के बीच एक राहत भरी खबर आई है। जल्द ही पूरे देश में इनके दाम एक समान हो सकते हैं। राज्यों द्वारा नेचुरल गैस पर लगने वाले वैट की अधिकतम सीमा 5 फीसदी किए जाने के बाद इस तरह की उम्मीद फिर से जग गई है।
राज्य इस बात पर भी सहमत हो गए हैं कि उद्योग जगत के द्वारा इनपुट के तौर पर प्रयोग में लाए जाने वाले पेट्रोलियम उत्पादों के प्राइस को कम कर दिया जाए।
हालांकि इस बात पर फैसला जीएसटी काउंसिल की अगली बैठक में लिया जाएगा। इकोनॉमिक टाइम्स के मुताबिक इस बारे में केंद्र और राज्यों के बीच पहले दौर की बातचीत हो चुकी है। फिलहाल गेंद राज्यों के पाले में है। पेट्रोलियम प्रोडक्टस पर फिलहाल जीएसटी नहीं लगता है।
जीएसटी लगने से पेट्रोल-डीजल के दाम रह जाएंगे आधे
अगर पेट्रोल-डीजल को जीएसटी के दायरे में लाया जाता है तो अभी 80 रुपये में बिकने वाला पेट्रोल 40 रुपये में मिलने लगेगा। लेकिन राज्यों को इसकी बिक्री से सबसे ज्यादा कमाई होती है। अगर राज्य पेट्रो उत्पादों को जीएसटी के दायरे में करने पर सहमत हो जाते हैं तो फिर पूरे देश में पेट्रोल-डीजल के रेट न केवल सस्ते हो जाएंगे बल्कि एक समान होने की उम्मीद भी है।