नागपुर : प्राणायाम प्रतिदिन करने से उम्र बढ़ती हैं यह उदबोधन राष्ट्रसंत आचार्यश्री गुणधरनंदीजी गुरुदेव ने विश्व के सबसे बड़े अंतर्राष्ट्रीय ऑनलाइन सर्वोदय धार्मिक शिक्षण शिविर में दिया. श्री. दिगंबर जैन क्षेत्र कुंथुगिरी, नवग्रह तीर्थ, धर्मतीर्थ क्षेत्र द्वारा आयोजित में प्रतिदिन देश विदेश से एक लाख से अधिक शिविरार्थी धार्मिक शिक्षण ले रहे हैं. घर बैठे अनेक श्रावक श्राविकाओं को निशुल्क शिक्षा मिल रही हैं.
आचार्यश्री गुणधरनंदीजी गुरुदेव ने कहा भोजन के बाद वज्रासन में बैठने से पाचन क्रिया बढ़ती हैं. सफेद, क्रीम रंग के कपड़े ध्यान करने के लिए पहने. प्राण को प्रदान करे वह प्राणायाम हैं. प्राण को, जीवन को संचालित करे वह प्राणायाम हैं. प्राण को लगाम रखे वह प्राणायाम हैं. सांस को लेना, सांस को रोकना, सांस को छोड़ना प्राणायाम हैं. देह के अंदर सांस भर लेना, छाती, पेट में भर लेने से ऑक्सीजन मिलता हैं. प्राण को रोकने से, छोड़ने से आयुष्य बढ़ता हैं. कबूतर एक मिनट में 34 बार सांस लेता हैं, बंदर एक मिनट में 30 बार सांस लेता हैं, घोड़ा 26 बार सांस लेता हैं,
बकरी 24 बार सांस लेती हैं, हाथी 22 बार, कछुआ 5 बार, मनुष्य 15 बार सांस लेता हैं. सुबह सुबह धीरे धीरे प्राणायाम करे. उम्र को बढ़ाना हैं तो दीर्घ श्वाचोछवास ले. प्रथम ध्यान श्वाछोचवास हैं. णमो अरिहंताणं बोलते हुए देर तक सांस लेना हैं, णमो सिद्धाणं बोलते हुए उतने देर तक सांस छोड़ना हैं. णमो आइरियाणं बोलते हुए सांस लेना हैं और णमो उवज्झायाणं बोलते हुए सांस छोड़ना हैं.
णमो लोए बोलते हुए सांस लेना हैं, सव्वसाहूणं बोलते हुए सांस छोड़ना हैं ऐसा करने से आयुष्य दीर्घायु होगा. मुफ्त में दिया उसकी किंमत नहीं होती हैं. जिसे ऑक्सीजन नहीं मिलता उसे उसकी किंमत का पता चलता हैं. आयुष्य सूर्यकिरणों से भी बढ़ता हैं.