नागपुर: जय जवान जय किसान के अध्यक्ष प्रशांत पवार ने नागपुर शहर में विकास कार्यों के चलते संबंधित कंपनियों के ठेकेदारों व जिम्मेदार विभागों के अधिकारियों को शुक्रवार को शहर में बारिश के दौरान जनजीवन अस्तव्यस्त हो जाने और जलजमाव के लिए दोषी मानते हुए उनके खिलाफ पुलिस में मामला दर्ज करने की मांग प्रेस परिषद में की.
पवार ने कहा कि शहर को स्मार्ट सिटी बनाने की जिद में केन्द्रीय मंत्री गडकरी व सीएम फडणवीस ने शहरवासियों को विकास की गंगा बहाने का सपना दिखाया लेकिन अनियोजित विकास कार्यों व मेट्रो रेल व सीमेंट रोड का निर्माण कार्य करने वाली कंपनियों व विभागों के अधिकारियों के मनमानेपूर्ण नियोजन के कारण शहर भर में जलनिकासी व्यवस्था चोक हो गई है. इसी कारण बारिश के चलते पूरे शहर का जनजीवन उध्वस्त हो गया. इसके लिए सभी जिम्मेदारों के खिलाफ एफआईआर की जानी चाहिए.
दादागीरी से हो रहा विकास
पवार ने आरोप लगाया कि विकास कार्य में लगी एजेंसियां व उसके ठेकेदार पूरी दादागीरी से शहर में काम कर रहे हैं. मनमाने तरीके से खुदाई से सीवर लाइन, बिजली के केबल, पानी की पाइप लाइन सभी डैमेज कर जनता के करोड़ों रुपयों का नुकसान कर रहे हैं. विकास के नाम पर इन लोगों को शहर के मंत्री-नेताओं ने भी खुली छूट दे रखी है जिसका वे गलत फायदा उठा रहे हैं. पूरे शहर की ऐसी की तैसी करके रख दी गई है.
जनता त्रस्त हो गई है. जनता से टैक्स से वसूला गया पैसा बर्बाद किया जा रहा है. उन्होंने सभी सड़कों की त्वरित मरम्मत, डैमेज लाइनों के सुधार, चोक नालियों की सफाई नहीं करने वालों के खिलाफ एफआईआर की मांग की अन्यथा आंदोलन की चेतावनी दी है.