नागपुर: मुफ़्त शिक्षा के अधिकार अंतर्गत शैक्षणिक सत्र २०२१-२२ मैं नागपुर पंचायत समिति द्वारा दिए गए आरटीई प्रवेश कि शिकायत स्थानीय गाँव वालों से प्राप्त हुई जिसमें बोर गाँव सरपंच रवीन्द्र ईश्वर डोले द्वारा बोगस रहवासी दाख़िले दिए जाने की पुष्टि होने के बाद आरटीई एक्शन कमिटी के चेयरमैन शाहिद शरीफ़ द्वारा जाँच के लिए मुख्य कार्यकारी अधिकारी को प्रस्ताव दिया गया जिसमें किशोर गजजालवार गट विकास अधिकारी को जाँच के आदेश दिए गए जिसमें गट शिक्षण अधिकारी राजेश लोखंडे को दोषी पाया गया और पाँच प्रवेश नियम बहाया दिए गए ।
लेकिन सदस्य सचिव शरद भंडारकर के विरुद्ध कार्रवाई की नहीं गई आख़िर क्यों, क्यों की वेरीफिकेशन कमेटी की ज़िम्मेदारी सदस्य सचिव की होती हैं ।
अहवाल के अनुसार गट शिक्षण अधिकारी द्वारा मार्गदर्शन प्राथमिक शिक्षा अधिकारी से माँगने पर उनके द्वारा दिए गए प्रवेशों को रद्द कर कार्रवाई करने का आदेश दिया गया।
न्याय मिलने में एक वर्ष बीत गया मामला भारती विद्या भवन आसटि के पालक दोषी पाए गए ॰परवीन कुशाल चौधरी व ॰प्रमोद वसंत राव भोयर अन्य तीन ने प्रवेश नहीं लिया दोषी पाए जाने के डर से । नियम कहाता है कि पालक द्वारा झूठी जानकारी देने पर आपराधिक मामला दर्ज हो और मेरा बालक का प्रवेश रद्द किया जाए।