सावनेर (नागपुर)। सावनेर नगर पालिका द्वारा सन 2009-10 के आर्थीक वर्ष में तत्कालीन नगर प्रशासन ने निजी संस्था की ओर से संपत्ती और कर मूल्यांकन करने का कॉन्ट्रेक्ट दिया. लेकिन निजी संस्था ने हवा में निरीक्षक कर संपत्ती धारकों को अनाप शनाप संपत्ती कर मूल्यांकन करके नगरवासियों को भेजा.
उक्त संपत्ती प्रकरण में नगर के कुल 2415 संपत्ती धारकों ने दो बार आक्षेप लिया. लेकिन आज तक न्याय नहीं मिला जिससे नागरिक कृती समिती और अ.भा.ग्रा कल्याण परिषद के अरुण ऋषिया, सैय्यद निजामजी कुरैशी, डॉ. जयंत कुलकर्णी आदी ने 25 जुलाई को उच्च न्यायालय मुंबई नागपूर खंडपीठ में जन याचिका दायर की. इस याचिका पर सुनवाई करके न्यायालय जिलाधिकारी नागपूर, उपविभागीय अधिकारी सावनेर, मुख्याधिकारी न.प.सावनेर ने उक्त प्रकरण पर 9 माह के भीतर नियमों के अनुसार निपटारा करने का आदेश देकर नगरवासियों को दिलासा दिया.
इस प्रकरण में अ.भा.ग्रा कल्याण परिषद की ओर से एड.भानुदास कुलकर्णी ने मुक्तिवाद करके संपत्ती कर का न्याय दिलाने में अहम भूमिका निभायी. जिससे अ.भा.ग्रा कल्याण परिषद नागरिक कृति समिती साथ ही नगर वासियों ने एड. भानुदास कुलकर्णी का आभार माना. लेकिन नगर प्रशासन के कार्य प्रणाली के विरुद्ध रोष पनप रहा है.
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