नागपुर: आयटक (ऑल इंडिया ट्रेड यूनियन कांग्रेस ) के बैनर तले इस बार भी आंगनवाड़ी महिला सेविकाओं, मदतनीस कर्मचारियों ने विधानभवन पर विशाल मोर्चा निकालकर अपना विरोध प्रकट किया. गणेश टेकड़ी रोड पर आयोजित इस मोर्चे में नागपुर जिले समेत अन्य जिलों से भी हजारों की संख्या में महिला कर्मचारी और पुरुष कर्मी मौजूद रहे. आंगनवाड़ी महिला मदतनीस और सेविकाओं ने मांग की है कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने अक्टूबर 2017 से मानधन बढ़ाने का आश्वासन दिया था. लेकिन अब तक मानधन नहीं बढ़ाया गया है. उसे बढ़ाने की मांग इन्होने की है. आशा कर्मियों को 1500 रुपए मानधन दिया जाए, स्वास्थ्य उपकेंद्रों में अंशकालीन स्त्री परिचर को हर महीने केवल 1200 रुपए मानधन दिया जाता है. 2017 में स्वास्थ राज्यमंत्री ने सभी को आश्वासन दिया था कि हर महीने इन्हे 6 हजार रुपए मानधन दिया जाएगा. लेकिन अब तक वह नहीं दिया गया है. उसको तुरंत लागू करने की मांग इस दौरान महिला कर्मचारियों ने की है.
इस महिला कर्मचारियों में ग्रामरोजगार सेवक, मनरेगा काम करनेवाले मजदूर, शालेय पोषण आहार कर्मचारी, ग्रामपंचायत कर्मचारी, बंद उद्योग के कर्मचारी, पथ विक्रेता, पाणलोट कर्मचारी, एमआयडीसी महिंद्रा के ठेकदारी पद्धति में काम करनेवाले कामगारों का बड़ी तादाद में सहभाग रहा. इस मोर्चे का नेतृत्व महाराष्ट्र आयटक के अध्यक्ष सुकुमार दामले, महासचिव श्याम काले, विज कामगार आयटक अध्यक्ष मोहन शर्मा ने किया.