15 नवम्बर के बाद आंदोलन की चेतावनी
उमरखेड़ (यवतमाल)। स्थानीय विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत सिंचाई क्षमता वाले तालाब में पानी छोड़ने की मांग भाजपा के ज्येष्ठ नेता शामराव पाटिल के मार्फ़त निवेदन सरकार के सहायक अभियंता को सौंप कर की गई.
प्राप्त जानकारी के अनुसार, सन 2013-14 के खरीफ मौसम की फसल कम बारिश का भेंट चढ़ गया. अब रबी की फसल के लिए बारिश पर निर्भर किसान अपनी आशा छोड़ दी है. किन्तु तालाब की परिधि में आनेवाले किसान रबी की फसल के लिए सिंचाई की व्यवस्था चाह रहे हैं. रबी की फसल के लिए पर्याप्त आपूर्ति की संभावना वाले लघु तालाब तालुका के धनज, तिरोड़ा, पोफाली, मरसूल, अम्बोना, पिरणजी, दराटी और निंगनूर से महागाव तालुका के सेनन्द, मुड़ाणा, पिम्पलगांव पूर्ण क्षमता वाले 11 तालाब हैं. और सेनन्द, मुड़ाना-पिम्पलगांव जिनमें सिंचाई क्षमता नहीं है. यहाँ के सभी किसान पानी के अभाव में घोर विपदा में घिर गए हैं. उन पर पूरा परिवार की जिम्मेदारी आ पड़ी है. जिसकी क्षतिपूर्ति नहीं की जा सक रही है. मरसुल तालाब में 54.82 प्रतिशत, धनज 98.86 प्रतिशत, निंगनूर 37.42 प्रतिशत, तिरोड़ा 89.82 प्रतिशत, दराटी 40.47 प्रतिशत जल है. पर पूरी व्यवस्था ख़राब पड़ी है और किसानों को जलापूर्ति नहीं की जा रही है. अधिकारी ध्यान नहीं दे रहे हैं. यदि 15 नवम्बर तक पानी नहीं छोड़ा जाता है तो किसान आंदोलन करने को बाध्य हो जायेंगे. उक्त चेतावनी शामराव पाटिल ने दी है.
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